Bihar Diwas:बिहार जिसका अपना इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। आज के ही दिन 22 मार्च को बिहार के गौरवशाली इतिहास को याद करने के लिए बिहार दिवस के रूप मनाया जाता है। बिहार अपने अंदर कई इतिहास की धरोहर को समेटे हुए है ,इतिहास में बिहार ने कई सारी चीजे दी है।
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Bihar Diwas के अवसर पर बिहार के महान धरोहर के बारे में जाने
Bihar Diwas:बिहार की इस पावन धरती ने कई सारे महान पुरषो को जन्म दिया है। इस धरती पे ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ इस धरती पे ही जैन धर्म को पूरी दुनिया में पहुंचाने वाले महान आत्मा महावीर का जन्म हुआ। इस धरती पे ही सीखो के दसवे गुरु गुरु गोविन्द सिंह का जन्म हुआ। बिहार का इतिहास अपने आप में बहुत सराहनीय है। बिहार की धरती ने ही पूरी दुनिया को राजतंत्र का पाठ पढ़ाया ,जो वैशाली के लिच्छवि में पहली बार हुआ था।
Bihar Diwas 2025 की theme क्या है
Bihar Diwas:अगर कुछ सालो में देखा जाये तो बिहार ने काफी उन्नति की है ,बिहार ने हर क्षेत्र में अपना परचम देश में लहराया है, महिलाओ की सुरक्षा हो रोजगार हो या समाज के सभी वर्गो को मिलने रोजगार के फायदे आज बिहार हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। अगर बात करे की bihar 2025 theme की तो बिहार सरकार के द्वारा हर साल की भांति इस साल भी बिहार ने अपना theme आने वाले साल की लिये जारी किया है ,जो ये है “उन्नत बिहार बिकसित बिहार”
Bihar Diwas Slogan
Bihar Diwas: बिहार ने अपने सात निश्चय योजना को आगे बढ़ाते हुए इस बार बिहार ने अपने सात निश्चय योजना के तहत स्लोगन जारी किया है ,जो ये है की “युवा शक्ति बिहार की प्रगति” इस तरह Bihar Diwas के मौके पे सरकार ने अपनी सारी महत्तवकांक्षी योजना के बारे में जानकारी दी है।
देश की आजादी में बिहार का योगदान
बिहार का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है बिहार ने देश की आजादी में बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया था। 1857 की क्रांति में भी बिहार के लाल बीर कुंवर सिंह ने बहुत बरी भूमिका निभाई थी ,अगर बात करे देश की आजादी में तो गाँधी जी ने भी अपनी पहली सत्याग्रह के लिए बिहार की पावन धरती चम्पारण को ही चुना ,उन्होंने पहली बार चम्पारण की धरती से ही सत्याग्रह की शुरुआत किये थे। उन्होंने पहली बार चम्पारण से ही अंग्रेजो के खिलाफ आजादी की बिगुल सत्याग्रह आंदोलन से सुरु किये थे।