आज हमारा देश 76 वॉ गणतंत्र दिवस और संविधान लागू होने के जश्न माना रहा है हमारे देश का संविधान 26 नम्बर 1949 को लागू किया गया था इस लिये हमारा देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाता है|

भारतीय संविधान वर्ल्ड की सबसे लम्बा लिखित संविधान है
भारतीय संविधान ने कई देशों के संविधान की विसेस्ताओ को अपनाया है | इसके कई हिस्से अमेरिका ,जर्मनी ,यूनाइटेड किंगडम ,ऑस्ट्रलिया ,आयरलैंड ,कनाडा और जापान से लिया गया है | इसमें देश के नागरिको के मौलिक अधिकारों कर्तब्यों ,सरकार की भूमिका,प्रधानमंत्री ,परसिडेंट ,मुख्यमंत्री एव राजयपाल के शक्तियो के बर्णन किया गया हैबिधानपालिका ,कार्यपालिका ,और न्यायपालिका का क्या कार्य है उनकी देश चलाने की क्या भूमिका है इन सभी बातो की चर्चा संविधान में है
भारतीय संविधान की ये मूल पंक्तियाँ टाइप या मुद्रित नहीं थी संविधान की असली कॉपी प्रेम बिहारी नारायण रायजयदा ने हाथ से लिखी थी| इसके हर पनने को संतीनेकेतन के कलाकारों ने सजाया था | इस लिखित पंकितीयो को पुस्तकालय में रखा गया है|
संविधान कितने दिनों में हुवा तैयार
पुरे संविधान को लिखने में 2 बर्ष 11 माह 18 दिन लगे थे | यह 26 नम्बर 1949 को लागु किया गया था इसलिए हमलोग इसको गणतंत्र दिवस के रूप में मानते है
भारत का संविधान
भारत का संविधान भारत का सर्वोच्च संविधान है क्योकि इसमें बहुत से बाते जो संविधान में लिखी गयी है| वो बहुत से देसो से ली गयी हैं|संविधान को लिखने और लागु करने में बहुत से समय लगे सं ० -26 नवम्बर 1951 को लागु किया गया
Constitution of India: संविधान निर्माण में किन किन लोगो का महत्वपूर्ण योगदान था
बाबा साहेब डॉ ० भीम राव आंबेडकर को संविधान निर्माता कहा जाता है लेकिन हम आज आपको बतायेगे की वो कौन सी हस्तिया थी जिनका संविधान में योगदान था
किसी राष्ट्र को एक संविधान की जरुरत होती है | इसकी मांग देश आजाद होने के बाद हो गयी थी सबसे पहली बार बाल गंगाधर तिलक ने सं ० 1895 में संविधान सभा की मांग उठाए थे | 1938 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने संविधान सभा का गठन करने का निर्णय लिया आजादी मिलने के कुछ ही दिनों के बाद 29 अगस्त 1947 संविधान सभा का मसूदा तैयार करने के लिए बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर के नेतृतवा में कमेटी का गठन किया जिसके बाद 26 नवम्बर 1950 को लागु क्र दिया गया |13 दिसंबर 1946 को जवाहर लाल नेहरू ने संविधान सभा के सामने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया. ऐसा माना जाता है उन्होंने संविधान के लिए दृष्टिकोण प्रदान किया था. उन्होंने संविधान में नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता का आश्वासन दिया. नेहरू संविधान सभा की समिति, संघीय शक्ति समिति और संघीय संविधान समिति के अध्यक्ष थे |
सरदार बल्लब भाई पटेल
अल्पसंखयक अधिकारों के सलाहकार समिति के सदसय थे इनका संविधान में महतवपूर्ण योगदान था|
इनलोगो के आलावा और भी लोग थे जिनका संविधान में महत्पूर्ण योगदान था
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